ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 39"
शाम को फिरसे सभी किआरा से मिलने आये, इस बार विकास भी आया किआरा से मिलने, वो किआरा से मिला फिर बोला
विकास :- भाभी क्या हुआ आपको, आपको ये गोली कैसे लगी, ( इवान की तरफ देखकर ) मै तो एक एमरजेंसी मीटिंग मे था, अभी कुछ देर पहले ही मुझे भाभी के बारे जैसे ही पता चला की आपको गोली लगी है मै फ़ौरन भागा भागा चला आया
किआरा ( जबरदस्ती मुस्कुराते हुए ) :- थैंक्यू सो मच विकास जी जो आप हमसे मिलने आये, अब हम ठीक है और भगवान की दया से ज़िंदा भी है
( अपने मन मे ) मन तो कर रहा है की अभी हम यही कर यही तुम्हारी फुर्सत से कुटाई करके मरम्मत कर दे, खुद गोली मरते है और पूछते है की कैसे गोली लगी, आपका लक अच्छा है मिस्टर विकास वर्मा जो अब तक सही सलामत हमारे सामने खड़े हो, वरना हमारे अपनों को तकलीफ पहुंचाने के जुर्म मे हम आपको काला पानी की सजा सुनाते 😡
किआरा अपने मन मे गुस्से से ये सब सोच तो रही थी लेकिन सबके सामने अपने चेहरे पर झूठी मुस्कुराहट का नकाब ओढ़े हुए थी, उसकी सोच को विराम तब लगा जब विकास फिरसे बोला
विकास :- वैसे भाभी आपने बताया नहीं की आपको गोली कैसे लगी, आप अच्छे से तो खड़ी थी ना छत पर
विकास को डर था की कही किआरा ने उसे देख तो नहीं लिया था, इसलिए वो उससे पूछकर कन्फर्म कर लेना चाहता था की किआरा ने कुछ देखा है या नहीं, वही विकास की बात सुनकर सारे घरवाले चौक गये क्युकी किआरा और इवान ने अभी तक ये नहीं बताया था किसी को भी की किआरा और इवान छत पर थे और वो गोली लगने के कारण छत पर से गिर गई थी, सुमित्रा जी हैरानी से बोली
सुमित्रा जी :- छत पर से, कैसे मतलब किआरा बेटा तुम छत पर से गिरी थी ये हमे बताया क्यू नहीं, और विकास बेटा आपको किसने बताया ये सब
विकास सुमित्रा जी की बात सुनकर हड़बड़ा गया और वो समझ गया की इवान और किआरा ने अभी तक परिवार वालों को छत पर से गिरने वाली वात नहीं बताई थी, और उसने जल्दीबाजी मे सब खराब कर दिया, विकास फ़ौरन अपनी गलती सुधारते हुए बोला
विकास :- व.... वो मुझे यहां के डॉक्टर से पता चला था की ये स्लीप हुई है
सुमित्रा जी ( इवान से ) :- इवान किआरा छत से कैसे गिरी ओर ये बात तुमने हमे बताई क्यू नहीं
इवान कुछ बोलता उससे पहले ही किआरा जल्दी से बोली
किआरा :- व... वो माजी हमे नीचे सफोकेशन हो रहा था तो हम छत पर थोड़ा टहलने गये थे, फ्रेश हवा लेने
सुमित्रा जी :- फिर भी बेटा अपना ध्यान रखा करो, अब तुम जब भी कही भी जाओगी किसी ना किसी को साथ लेकर जाओगी ठीक है
किआरा ने हा मे सिर हिला दिया तो सुमित्रा जी ने मुस्कुराकर किआरा के सर पर हाथ फेरा ओर वो वॉर्ड से बाहर चली गई तो सभी फैमिली मेम्बर भी धीरे धीरे बाहर चले गये
सबके जाने के बाद विकास भी जाने लगा तो किआरा विकास को रोकते हुए बोली
किआरा :- वैसे विकास जी आप परसो कहा थे
विकास किआरा का सवाल सुन फिरसे हड़बड़ा गया पर फिर भी अपने आपको संभाल कर बोला
विकास :- क्यू भाभी, मतलब आप क्यू पूछ रही है
किआरा :- वो तो बस परसो आप आध्या ओर दर्श की शादी मे दिखे नहीं थे इसलिए पूछा
विकास ( राहत की सांस लेते हुए ) :- ओह, वो भाभी कुछ काम आ गया था इसलिए नहीं आ पाया मै
किआरा :- कोई बात नहीं विकास जी अगली बार घर जरूर आइयेगा
विकास :- जी भाभी जरूर आऊंगा अभी चलता हु कुछ जरूरी काम है
इतना बोलकर विकास इवान और किआरा को बाय बोलकर चला गया, किआरा और इवान ने एक नजर एक दूसरे को देखा फिर किआरा ने अपनी आँखे बंद कर ली, इवान वही पास पड़े सोफे पर सिर पीछे की ओर टीकाकर आँखे बंद करके बैठ गया, इन दो दिनों मे वो किआरा को लेकर इतना उलझ गया था की उसे अपना दुख दिखाई नहीं दिया था लेकिन आज विकास को अपने सामने देख उसे अनु का धोखा फिरसे याद आने लगा था, उसे तो अब ये भी शक होने लगा था की वन्या और उत्कर्ष उसके बच्चे है या नहीं, लेकिन उसने इस ख्याल को फ़ौरन अपने मन से झटका, वो ऐेसा कुछ सोच भी नहीं सकता था, वन्या और उत्कर्ष से इवान बहुत प्यार करता था इतना की उन दोनो के बिना एक पल भी नहीं रह सकता था, उसकी जान बस्ती थी उन दोनो मे ।
इवान को समझ नहीं आ रहा था की अनु ने उसके साथ ऐसा क्यू किया, जबकी इवान की तरफ सबसे पहले दोस्ती का हाथ उसी ने बढ़ाया था, अगर उसे विकास से प्यार था तो क्या वो इवान से सिर्फ प्यार करने का झूठा दिखावा करती आई थी, उसका प्यार, उसकी केयर, उसकी फीलिंगस सब छलावा था क्या ?
ये सब सोचते सोचते इवान की आँखे नम हो गई थी और बंद आँखों के कोरों से भी आँशु की बुंद बह निकली ।
किआरा ने अपनी आँखे खोल इवान की तरफ देखा तो इवान की नम आँखे देख उसकी भी आँखे नम हो गई वो समझ सकती थी की इस बक्त इवान बहुत तकलीफ मे है, क्युकी अगर कोई इंसान किसी से प्यार करे और बाद मे उसे पता चले की जिससे वो प्यार करता है उसका प्यार सिर्फ एक धोखा था, एक छालाबा था तो उस इंसान पर क्या गुजरती है इसका एहसास किसी को नहीं होता ।
किआरा इवान को देख उससे कुछ नहीं बोली क्युकी वो जानती थी कि इस समय इवान अकेले शांति से रहना चाहता है वह अपने मन मे बोली
किआरा :- आय एम सॉरी इवान जी हमारे कारण आपको इतनी तकलीफ हुई, इसी कारण हम आपको ये सच बताना नहीं चाहते थे, जानते थे की आपको बहुत तकलीफ होगी लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, आपको पता चलना था सो चल ही गया, अभी तो आपको सिर्फ इतना पता चला है तो आपको इतनी तकलीफ हो रही है जिस दिन आप पुरा सच जान गये तब क्या बीतेगी आप पर, भगवान से बस इतनी सी प्रार्थना है कि आपको ये सच सहन करने की शक्ति दे इवान जी
इतना सोच किआरा ने अपनी आँखे बंद करली
धीरे धीरे समय अपनी गति से बढ़ने लगा और किआरा एक सप्ताह बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया था
सभी ने मिलकर किआरा का घर पर अच्छे से वेलकम किया ओर फिर आराम करने उसे अपने रूम मे भेज दिया
इवान किआरा को रूम मे लेकर गया और उसे बेड पर लिटाकर खुद वाशरूम मे चेंज करने चला गया, वो बाहर आया तो देखा किआरा तब तक सो चुकी थी
इवान ने किआरा को अच्छे से ब्लैंकेट उढ़ाया ओर नीचे सबके पास चला गया ।
To be continued......................
थैंक्यू सो मच आप सभी को मेरी स्टोरी पढ़ने के लिए।
इसी तरह आप सब मेरी स्टोरी पढ़ते रहिये और कमेंट के साथ स्टीकर्स भी जरूर दीजियेगा ।
Radhika
02-Mar-2023 09:28 PM
Nice
Reply
shahil khan
01-Mar-2023 07:27 PM
nice
Reply
Vedshree
04-Dec-2022 07:49 PM
Very nice
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